दूध ख़राब हो रहा है? — पहचानें और सही फ़ैसला लें
हर फटा दूध ख़राब नहीं होता —
पर हर ख़राब दूध फटता ज़रूर है।
यह सुरक्षित है
आप ख़ुद नींबू/सिरके से फाड़ें → पनीर/छेना। ताज़ा/उबला दूध · अच्छी गंध · हरा-सा साफ़ मट्ठा अलग होता है — बिलकुल सुरक्षित।
यह ख़राब है — फेंक दें
खट्टी या सड़ी गंध आ रही हो
बिना कुछ डाले अपने आप फट गया, या उबालते ही फट गया
गाँठें, लसलसापन, या रंग पीला-सा
स्वाद खट्टा/कड़वा — पर शक हो तो चखें नहीं, गंध पर भरोसा करें
दूध जल्दी न फटे — देर कैसे करें
मटके या ठंडे पानी के बर्तन में दूध का बर्तन रखें — पानी की ठंडक से दूध देर तक ताज़ा रहता है।
दूध आते ही उबाल लें, फिर ढककर ठंडी जगह रखें — कच्चे से कहीं ज़्यादा चलता है
बिजली/फ़्रिज न हो → दिन में दो बार उबालें (सुबह-शाम), हर बार 5–10 मिनट
बर्तन एकदम साफ़ हो · खट्टा/पुराना दूध ताज़े में न मिलाएँ — एक बूँद पूरा बर्तन फाड़ देती है
दूध में गीला या जूठा चम्मच न डालें
पनीर, सड़ा लगे तो फेंक!"
दूध से सड़ी गंध आ रही है — क्या करें?
सही — सड़ी गंध का मतलब दूध ख़राब है। उसका पनीर भी ख़राब होगा। फेंक दें।
सही जवाब: फेंक दें। सड़ी गंध वाला दूध ख़राब है — उससे बना पनीर भी सुरक्षित नहीं।
गरमी है, बिजली नहीं, दूध हल्का खट्टा लगने लगा — क्या करें?
बिलकुल — हल्का खट्टा यानी फटने ही वाला है। अभी उबालकर पनीर बना लें — फेंकने से बेहतर।
सही जवाब: अभी उबालकर पनीर बना लें। रुकेंगे तो दूध सड़ जाएगा और फेंकना पड़ेगा।
💬 आपके यहाँ दूध को ज़्यादा देर ताज़ा रखने का कोई देसी तरीक़ा? हमें ज़रूर बताइए!
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